Solutions / Solution for Students
Solution for Students
Focus and exam performance
Improve concentration, memory confidence, and emotional control for high-pressure academics.
Available Resources
Browse & Purchase
Do you not want to study? क्या आप पढ़ना नहीं चाहते हैं?
आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में बच्चों का पढ़ाई में मन न लगना एक आम समस्या बनती जा रही है। अनेक माता-पिता इस चिंता में रहते हैं कि उनका बच्चा पढ़ाई में रुचि क्यों नहीं ले रहा, और किस तरह उसे प्रेरित किया जाए। पढ़ाई में अरुचि केवल एक आदत नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक असंतुलन का संकेत भी हो सकती है। इस लेख में हम कुछ ऐसे समग्र उपायों (holistic methods) पर प्रकाश डालेंगे जो न केवल बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ा सकते हैं, बल्कि उनके सम्पूर्ण विकास—शरीर, मस्तिष्क और आत्मा—को भी सशक्त बना सकते हैं। ये उपाय योग, प्राणायाम, आहार, आयुर्वेदिक तकनीकों, संगीत, वास्तु, और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से प्रेरित हैं और व्यावहारिक रूप से अपनाए जा सकते हैं।
Do you lack concentration? क्या आप में एकाग्रता की कमी है?
लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Do you have weak memory? क्या आपकी स्मरणशक्ति कमजोर है?
लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Are you less creative ? क्या आप कम रचनात्मक हैं?
लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Are you shy ? क्या आप संकोची है?
लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Are you too fickle? क्या आप ज्यादा चंचल हैं?
लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Do you have excessive self-confidence? क्या आपको अत्यधिक आत्मविश्वास है?
अति आत्मविश्वास – यह शब्द जितना सकारात्मक प्रतीत होता है, उतना ही इसके परिणाम उलझाव भरे हो सकते हैं। आत्मविश्वास एक आवश्यक गुण है, किंतु जब यह आवश्यकता से अधिक हो जाता है, तब यह विनम्रता, समझदारी और संतुलन को पीछे छोड़ देता है। कई बार यह स्थिति असफलता की ओर ले जाती है, क्योंकि वे किसी भी स्थिति को गंभीरता से लेना बंद कर देते हैं या स्वयं को हर परिस्थिति में श्रेष्ठ मानने लगते हैं। लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Do you want to play all the time? क्या आप हर समय खेलना चाहते हैं?
लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Are you sluggish? क्या आप सुस्त हैं?
लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Do you lack confidence? क्या आपमें आत्मविश्वास की कमी है?
2लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Do you feel very sleepy? क्या आपको नींद बहुत आती है?
नींद हमारे जीवन का एक अत्यंत आवश्यक पक्ष है, विशेष रूप से बच्चों के लिए। उचित नींद मस्तिष्क को ऊर्जा देती है, याददाश्त बढ़ाती है, और शरीर के विकास में सहायक होती है। किंतु जब बच्चा अत्यधिक नींद लेने लगे, सुस्ती और आलस्य की स्थिति बनी रहे, तो यह एक चेतावनी संकेत हो सकता है — शारीरिक या मानसिक असंतुलन का। कई बार बच्चों में पाचन तंत्र की गड़बड़ी, सर्दी-जुकाम, साइनस, शरीर में जकड़न या मांसपेशियों में थकान, मस्तिष्कीय ऊर्जा का क्षय, या मानसिक तरंगों में असंतुलन, ज्यादा नींद का कारण बन सकते हैं। साथ ही कुछ हॉर्मोनल या न्यूरोलॉजिकल स्थितियां भी इस व्यवहार के पीछे हो सकती हैं। लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Do you get angry a lot? क्या आप क्रोध ज्यादा करते हैं?
2लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Do you get scared very quickly? क्या आप बहुत जल्दी डर जाते हैं?
2लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Are you weak in Chemistry? क्या आप रसायन विज्ञान में कमजोर हैं?
रसायन विज्ञान (Chemistry) तर्क, विश्लेषण और सूत्रों के संतुलन का विज्ञान है। यदि आप इस विषय में कमजोर हैं, तो संभव है कि आपका बायाँ मस्तिष्क भाग, जो तर्क और विश्लेषण से जुड़ा है, उतना सक्रिय न हो। योग, प्राणायाम, रंग चिकित्सा, आहार, आयुर्वेद और मानसिक तरंगों के माध्यम से इस मस्तिष्कीय भाग को सशक्त किया जा सकता है, जिससे समझने और याद रखने की क्षमता में सुधार आता है।
Are you weak in Biology? क्या आप जीव विज्ञान में कमजोर हैं?
जीव विज्ञान यानी Biology न केवल रटने वाला विषय है, बल्कि यह जीवन के हर पहलू को समझने का माध्यम भी है। अगर आप जीव विज्ञान में कमजोर हैं, तो हो सकता है आपका आज्ञा चक्र और स्मृति शक्ति उतनी सक्रिय नहीं हो पा रही होगी। आयुर्वेद, योग, पोषण, प्राणायाम, मंत्र और ध्यान जैसे समग्र उपायों से आज्ञा चक्र को सक्रिय कर मानसिक स्पष्टता, एकाग्रता और स्मरण शक्ति को बेहतर किया जा सकता है। लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Are you weak in Physics?? क्या आप भौतिकी में कमजोर हैं?
भौतिकी केवल नियमों और सूत्रों का विषय नहीं, बल्कि यह प्रकृति की गहराई को समझने का विज्ञान है — जहां तर्क, कल्पना और सूक्ष्म अवलोकन की क्षमता आवश्यक होती है। यदि आप भौतिकी में कमजोर हैं, तो यह जरूरी नहीं कि आप बुद्धिमान नहीं है, बल्कि संभवतः आपका मस्तिष्क सही दिशा में सक्रिय नहीं हो पा रहा है। योग, प्राणायाम, पोषण और प्राकृतिक उपायों की मदद से हम मस्तिष्क के वाम भाग की सक्रियता को बढ़ाकर, तर्कशक्ति और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को निखार सकते हैं। लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Are you weak in mathematics? क्या आप गणित में कमज़ोर हैं?
गणित केवल संख्याओं का खेल नहीं, यह तर्क, स्मृति, ध्यान और मानसिक संतुलन का अभ्यास भी है। जब कोई गणित में कमजोर होता है, तो यह अक्सर केवल पढ़ाई की कमी नहीं बल्कि मस्तिष्क के विशेष भागों की सक्रियता, आहार, दिनचर्या और भावनात्मक स्थिति से भी जुड़ा होता है। लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Does your health deteriorate before examinations? क्या अधिकतर आपका स्वास्थ्य परीक्षा से पहले खराब हो जाता है?
2लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Do you have inferiority complex? क्या आप हीनभावनाग्रस्त हैं?
हीनभावना से ग्रस्त बच्चे बाहर से सामान्य दिख सकते हैं, परंतु भीतर ही भीतर वे आत्म-संदेह, अविश्वास, और निराशा से जूझते हैं। ऐसे बच्चों को केवल प्रेरणा की नहीं, बल्कि समग्र और गहन देखभाल की आवश्यकता होती है—जिसमें उनका शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक सशक्तिकरण, पोषण, आध्यात्मिक संतुलन और ऊर्जा चक्रों का संतुलन शामिल हो। लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Are you depressed? क्या आप अवसादग्रस्त हैं?
फोबिया यानी अत्यधिक भय बच्चों के मानसिक विकास में एक बड़ी बाधा बन सकता है। जब कोई बच्चा किसी विशेष वस्तु, परिस्थिति या अनुभव से असामान्य रूप से डरने लगता है, तो यह उसके आत्मविश्वास, पढ़ाई, सामाजिक व्यवहार और भावनात्मक संतुलन को प्रभावित करता है। ऐसे में केवल समझाना या डांटना पर्याप्त नहीं होता; उन्हें संवेदनशीलता, धैर्य और समग्र (holistic) देखभाल की आवश्यकता होती है। इस लेख में हम ऐसे बच्चों के लिए विशेष प्रबंधन और उपचार के उपायों पर चर्चा करेंगे, जिनमें योग, प्राणायाम, पोषण, मानसिक संतुलन, औषधीय हवन, और सकारात्मक वातावरण शामिल हैं। लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Are you weak in literature? क्या आप साहित्य में कमजोर हैं?
साहित्य केवल शब्दों का समूह नहीं, भावनाओं, कल्पनाओं, और विचारों की कला है। यदि कोई साहित्य में कमजोर है, तो इसका संबंध उसके कंठ चक्र, आज्ञा चक्र, दाहिने मस्तिष्क और सृजनात्मकता से जुड़े मानसिक केंद्रों से होता है। ऐसे लोगों की कल्पनाशक्ति, भाषिक कौशल और आत्मविश्वास को होलिस्टिक पद्धतियों द्वारा विकसित किया जा सकता है। लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Do you get bad marks in exam even after studying well? क्या आप अच्छी तरह से अध्ययन करने के बाद भी परीक्षा में खराब अंक प्राप्त करते हैं?
कई बार विद्यार्थी पूरी लगन और मेहनत से पढ़ाई करते हैं, लेकिन फिर भी परीक्षा में अंक अपेक्षा के अनुसार नहीं आते। यह समस्या सिर्फ याददाश्त या समझ की नहीं, बल्कि मन, शरीर और चक्रों के असंतुलन की भी हो सकती है। जब आज्ञा चक्र, विशुद्धि चक्र, और सोलर प्लेक्सस चक्र ठीक से काम नहीं करते, तो बच्चों में आत्मविश्वास, धैर्य और उत्तर को सही तरह से प्रस्तुत करने की क्षमता कम हो जाती है। इस स्थिति में संपूर्ण शरीर, मन और आत्मा के समन्वय की आवश्यकता होती है। लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Do you forget the solution when you face the question paper? क्या आप प्रश्न पत्र देखकर हल भूल जाते हैं?
पढ़ाई अच्छी होती है, स्मृति भी तेज होती है, पर फिर भी परीक्षा में जब उत्तर लिखना होता है तो दिमाग जैसे “ब्लैंक” हो जाता है — यह समस्या बहुत से विद्यार्थियों में देखी जाती है। यह केवल एक मानसिक जड़ता नहीं, बल्कि आज्ञा चक्र, विशुद्धि चक्र व मणिपुर (सोलर प्लेक्सस) चक्र की असंतुलन से जुड़ा एक मनोदैहिक संकट है। लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Are you unable to answer in the exam even though you know the solution? क्या आप समाधान जानते हुए भी परीक्षा में उत्तर नहीं दे पाते हैं?
कई बार विद्यार्थी पूरी लगन और मेहनत से पढ़ाई करते हैं, लेकिन फिर भी परीक्षा में अंक अपेक्षा के अनुसार नहीं आते। यह समस्या सिर्फ याददाश्त या समझ की नहीं, बल्कि मन, शरीर और चक्रों के असंतुलन की भी हो सकती है। जब आज्ञा चक्र, विशुद्धि चक्र, और सोलर प्लेक्सस चक्र ठीक से काम नहीं करते, तो बच्चों में आत्मविश्वास, धैर्य और उत्तर को सही तरह से प्रस्तुत करने की क्षमता कम हो जाती है। इस स्थिति में संपूर्ण शरीर, मन और आत्मा के समन्वय की आवश्यकता होती है। लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Are you unable to answer MCQs? क्या आप बहुविकल्पीय प्रश्न का उत्तर नहीं दे पाते?
बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्नों के उत्तर देने में असमर्थता का अर्थ यह नहीं कि बच्चे को ज्ञान नहीं है, बल्कि यह निर्णय लेने की क्षमता और तत्काल उत्तर चयन की मानसिक शक्ति में कमी को दर्शाता है। यह समस्या अग्र मस्तिष्क, दाहिना मस्तिष्क भाग, आज्ञा चक्र, और मूलाधार चक्र की असंतुलन के कारण होती है। लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Do you take too much time in logical reasoning? क्या आपको तर्क शक्ति की परीक्षा में बहुत समय लगता है?
यह स्थिति मुख्यतः मस्तिष्क के अगले भाग (प्राकृतिक सोच) के अत्यधिक सक्रिय या बहुत कम सक्रिय होने से उत्पन्न होती है। न्यूरांस की तीव्रता और मानसिक ऊर्जा की गति तेज होने से, बच्चों को एकाग्र होने में परेशानी होती है। ऐसे बच्चों में ऊर्जा का असंतुलित प्रवाह होता है, जिससे तर्क, त्वरित निर्णय क्षमता और स्मरण शक्ति पर प्रतिकूल असर पड़ता है। लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
How to understand a child's interests and guide them accordingly? बच्चे की रुचि को कैसे संमझे और कैसे रुचि अनुसार र्मागर्दशन करें?
हर बच्चा एक अनोखी प्रतिभा और रुचि के साथ इस दुनिया में आता है। लेकिन अक्सर वह खुद भी अपनी गहराई को नहीं पहचान पाता। माता-पिता और शिक्षकों का कर्तव्य है कि वे बच्चे के व्यवहार और संकेतों को समझकर उसकी रुचियों और विशेषताओं की सही पहचान करें। नीचे दी गई विस्तृत जानकारी इसी दिशा में आपका मार्गदर्शन करने के लिए है:
What do you want your child to become? आप अपने बच्चे को क्या बनाना चाहते हैं?
आज की तेज़ी से बदलती दुनिया में बच्चों के करियर का चुनाव एक अत्यंत महत्वपूर्ण, संवेदनशील और जटिल प्रक्रिया बन चुकी है। माता-पिता अपने अनुभवों और अपेक्षाओं के आधार पर बच्चों के भविष्य को सँवारना चाहते हैं, वहीं बच्चे अपनी रुचियों, स्वप्नों और नवीन अवसरों की ओर बढ़ते हैं। इस प्रक्रिया में दोनों पक्षों के बीच संतुलन साधना ज़रूरी है — ताकि निर्णय प्रेरणादायक भी हो और व्यवहारिक भी। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस दिशा में सही मार्गदर्शन कैसे दिया जा सकता है।
How to recognize your child's unique qualities? अपने बच्चे के विशेष गुणों को कैसे पहचानें?
हर बच्चा अपने आप में एक अनूठी प्रतिभा का खजाना होता है, लेकिन उन विशेषताओं को पहचानना और उन्हें सही दिशा में विकसित करना एक संवेदनशील और निरंतर प्रक्रिया है। बच्चे स्वयं अपनी रुचियों या क्षमताओं को स्पष्ट रूप से नहीं बता पाते, इसलिए यह ज़िम्मेदारी माता-पिता, शिक्षकों और गाइड्स की बनती है कि वे बच्चे के व्यवहार, सोचने के तरीके और प्रतिक्रियाओं को समझें। नीचे हम विस्तार से चर्चा कर रहे हैं कि कैसे एक बच्चे की रुचियों (interests) और विशेष गुणों (unique strengths) को पहचाना और संवारा जा सकता है।
What should students preparing for competitive exams do? प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करनेवाले बच्चों को क्या करना चाहिए?
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया होती है, जिसमें छात्र को न केवल कठिन अध्ययन करना पड़ता है, बल्कि मानसिक दबाव, शरीर की थकान और निरंतर एकाग्रता जैसी बाधाओं का भी सामना करना पड़ता है। आजकल प्रतिस्पर्धा इतनी तीव्र हो गई है कि केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि स्मार्ट तैयारी और मानसिक संतुलन की भी आवश्यकता होती है। यह लेख विशेष रूप से उन छात्रों के लिए तैयार किया गया है जो अपने प्रदर्शन को ऊँचाई पर ले जाना चाहते हैं – शारीरिक, मानसिक, पोषणात्मक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से संतुलन बनाकर।
Do you fall ill during exam times? क्या आप परीक्षा के समय बीमार पड़ जाते हैं?
यह स्थिति मुख्यतः मस्तिष्क के अगले भाग (प्राकृतिक सोच) के अत्यधिक सक्रिय या बहुत कम सक्रिय होने से उत्पन्न होती है। न्यूरांस की तीव्रता और मानसिक ऊर्जा की गति तेज होने से, बच्चों को एकाग्र होने में परेशानी होती है। ऐसे बच्चों में ऊर्जा का असंतुलित प्रवाह होता है, जिससे तर्क, त्वरित निर्णय क्षमता और स्मरण शक्ति पर प्रतिकूल असर पड़ता है। लगभग पिछले 15 बर्षो से कॉर्पोरेट्स, व्यापारिक, अभिवावक ,विद्यार्थियों की समस्याओ को समझने और कई विभिन्न क्षेत्रो के बिशेषज्ञो (जिनमें डाक्टर्स, सर्जन, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, आर्थोपेडिक्स, डेन्टिस्ट, आर्युवेदिक, होम्योपैथिक) प्राणिक हीलर, आई आई टियन्स, कम्प्यूटर इंजीनियर, आई आई एम और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स, कुण्डलिनी योग गुरु, अष्टांग योग गुरु, हठ योग गुरु, प्राणायाम बिशेषज्ञ, रंग चिकित्सा बिशेषज्ञ, मंत्र बिशेषज्ञ, रत्न बिशेषज्ञ, ज्योतिष विज्ञान बिशेषज्ञ, वास्तु बिशेषज्ञ, आहार बिशेषज्ञ से इन प्रश्नों के समाधान में सहयोग लिया गया तथा इसे इतना सहज बनाने का प्रयास किया गया जिससे हर व्यक्ति इसका उपयोग कर सक। समस्याग्रस्त लगभग हर व्यक्ति और विद्यार्थी है, किन्तु वो हर किसी से अपनी समस्या बता भी नही सकता, अधिकांशतः ये भी देखा गया है कि व्यक्ति जानता ही नही कि उसे समस्या भी है वो इसे सामान्यतः लेता है, परेशानी तब होती है जब समस्या बड़ी हो जाती है, तब वह खोजता है कि समाधान कैसे करें, इसी कारण इन समस्याओं का बिशेषज्ञों द्वारा मूल आधार जानना और उसका कई प्रकार से निदान करने का प्रयास किया गया है।
Program Details
Everything you need to know before starting
The exam calm protocol uses box-breathing, progressive muscle relaxation, and a 15-minute morning yoga flow specifically designed to reduce cortisol levels before high-stakes tests.
What You Get
Actionable & Measurable
Exam calm protocol
Focus drills
Energy balancing yoga
Study rhythm coaching
Don't have an account? Register free
Other Solutions
